section and everything up till
* * @package ThemeGrill * @subpackage ColorMag * @since ColorMag 1.0 */ // Exit if accessed directly. if ( ! defined( 'ABSPATH' ) ) { exit; } ?> साथी घर जाकर मत कहना , संकेतो से बतला देना-अज्ञात लेखक - सरल संवाद

साथी घर जाकर मत कहना , संकेतो से बतला देना-अज्ञात लेखक

साथी घर जाकर मत कहना , संकेतो से बतला देना..
साथी घर जाकर मत कहना , संकेतो से बतला देना…

गाव में अगर मेरे दोस्त पूछे , देश को माटी दिखला देना..
साथी घर जाकर मत कहना , संकेतो से बतला देना..
घर में यही मेरे भाई पूछे , खूनी वर्दी दिखला देना..
साथी घर जाकर मत कहना , संकेतो से बतला देना..

घर में अगर मेरा बाप पूछे , डूबता सूरज दिखला देना..
साथी घर जाकर मत कहना , संकेतो से बतला देना..
घर में अगर मेरी बहन पूछे , राखी का धागा दिखला देना..
साथी घर जाकर मत कहना , संकेतो से बतला देना..

घर में अगर मेरी मां पूछे , जलता दीपक बुझा देना..
साथी घर जाकर मत कहना , संकेतो से बतला देना..
घर में अगर मेरी पत्नी पूछे , मांग का सिंदूर मिटा देना..
साथी घर जाकर मत कहना , संकेतो से बतला देना..
साथी घर जाकर मत कहना , संकेतो से बतला देना..

अज्ञात लेखक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *