अस्पताल के डॉक्टर भिक्षु को देखने को भी तैयार नही।

इंदौर एमवाय की cmo के पास आज एक नीराश्रित को सहारा वार्ड में एक दिन के लिये एडमिट करवाने ले गए तो उनका कहना था कि ये धर्मशाला नही है, उन्हें बताया गया की इंदौर में भिकसुक मुक्त अभियान चल रहा है तो उनका कहना था गेट आऊट, वहां के डॉक्टर उस भिक्षुक जिसके पेर में तकलीफ थी उसे देखेंने को तैयार नही थे उनका कहना था इसको आप अपने हिसाब से दिखा के अपने पास रखो, यहां जगह नही है।।
इमरजेंसी में कार्य करने वाले एक आदमी ने तो यहां तक कहा कि ऐसे 10 लोग आते है हम ऐसे किसी अभियान को नही जानते जहा इनका इलाज हो सके,

जय्यू जोशी।।मेरे साथ आज दिन में हुई घटना का सच्चाई सहित विवरण

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