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* * @package ThemeGrill * @subpackage ColorMag * @since ColorMag 1.0 */ // Exit if accessed directly. if ( ! defined( 'ABSPATH' ) ) { exit; } ?> प्रभावी उद्यमिता शिक्षा एवं मज़बूत स्टार्टअप इकोसिस्टम ही नये भारत को सही दिशा देंगे - डॉ. पुनीत द्विवेदी - सरल संवाद

प्रभावी उद्यमिता शिक्षा एवं मज़बूत स्टार्टअप इकोसिस्टम ही नये भारत को सही दिशा देंगे – डॉ. पुनीत द्विवेदी

डी.पी.यू विश्वविद्यालय के बी-स्कूल द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित रहे डॉ. पुनीत द्विवेदी।

इंबरेसिंग चेंज एंड ट्रांसफॉर्मेशन – ब्रेकथ्रू इन्नोवेशन एंड क्रियेटिविटी पर तीन दिवसीय सम्मेलन पुणे (महा०) में आयोजित हुआ।

फॉस्टरिंग स्टार्टअप इकोसिस्टम फ़ॉर न्यू इंडिया विषय पर बोले डॉ. पुनीत द्विवेदी।

इंदौर के मॉडर्न ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट्स में प्रोफ़ेसर एवं समूह निदेशक की भूमिका में हैं डॉ. द्विवेदी।उद्यमिता एवं स्टार्टअप्स के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं डॉ. पुनीत।

पुणे (महा.) डॉ. डी. वाय. पाटिल विश्वविद्यालय पुणे के बिज़नेस स्कूल द्वारा इंबरेसिंग चेंज एंड ट्रांसफॉर्मेशन – ब्रेकथ्रू इन्नोवेशन एंड क्रियेटिविटी विषय पर तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें देश-विदेश के विभिन्न भागों से विख्यात वक्ता आमंत्रित रहे। मॉडर्न ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट्स, इंदौर के प्रोफ़ेसर एवं समूह निदेशक तथा स्वच्छ भारत अभियान इंदौर के ब्रांड एंबेसडर डॉ. पुनीत द्विवेदी भी उक्त अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बतौर मुख्य वक्ता आमंत्रित रहे। डॉ. द्विवेदी ने ‘फॉस्टरिंग स्टार्टअप इकोसिस्टम फ़ॉर न्यू इंडिया’ विषय पर अपना वक्तव्य रखा। डॉ. द्विवेदी ने बताया कि लोकल इकोसिस्टम को मज़बूत करके ही राष्ट्रीय परिवेश को मज़बूत किया जा सकता है। स्टार्टअप और उद्यमिता विकास देश के भविष्य हैं। विद्यार्थियों में नवाचार के भाव को जगाना, आईडिया को कॉमर्शियलाईजेशन तक पहुँचाना तथा साथ ही साथ नवाचार में सतत विकास करने का भाव जगाना समय की मॉग है।डॉ. द्विवेदी ने बताया कि उद्यमिता एवं स्टार्टअप के क्षेत्र में अपार संभावनायें हैं। नास्कॉम की एक रिपोर्ट के अनुसार देश में केवल लगभग 43% स्टार्टअप ही तकनीकि ड्रिवेन हैं तथा बचे हुये 57% सामान्य। अत: कोई आवश्यक नहीं है कि तकनीकि क्षेत्र में पारंगत व्यक्ति ही स्टार्टअप कर सकता है। डॉ द्विवेदी ने बताया कि सिलिकॉन वैली के स्टार्टअप इकोसिस्टम को स्टडी करके भारत में लागू करने से अनेक विसंगतियाँ आयीं हैं और अधिक स्टार्टअप फेल हो रहे हैं। भारत के परिवेश के अनुसार टेलर-मेड लोकल स्टार्टअप इकोसिस्टम से ही स्टार्टअप इकोसिस्टम को मज़बूत किया जा सकता है। भारत सरकार ने उद्यमिता एवं स्टार्टअप को बढ़ाने के लिये विभिन्न संस्थानों की स्थापना की है और उन्हें सशक्त भी किया है जिससे फ़ंडिंग, तकनीकि सलाह, मेंटरिंग आदि की समस्या से निपटा जा सके।उक्त अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के संयोजक डॉ.अतुल कुमार में डॉ. पुनीत द्विवेदी को मुख्य वक्ता के रूप में सहभागिता हेतु आभार व्यक्त किया। उक्त अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश के कोने-कोने से प्रतिभागी, शोधकर्ता अपना शोधपत्र प्रस्तुत करने हित उपस्थित रहे। मॉडर्न ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट्स के चेयरमैन डॉ.अनिल खरया एवं उपाध्यक्ष श्री शांतनु खरया ने डॉ पुनीत द्विवेदी को बधाई दी। ज्ञातव्य है कि डॉ. पुनीत द्विवेदी एम.एस.एम.ई भारत सरकार द्वारा संचालित एवं मॉडर्न इंक्युबेटर के मुख्य सलाहकार एवं मेंटर भी है जो इंदौर स्टार्टअप इकोसिस्टम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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