उन्हें राम बनाएं लेकिन उन्हें लव कुश भी जरूर बनाएं-ममता जैन

संपूर्ण विश्व को मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के अवतरण दिवस रामनवमी की कोटि-कोटि शुभकामनाएं🙏🏻🙏🏻🙏🏻।
शक्ति पर्व नवरात्रि भी समाप्त हो रहा है, ,यह हमारी आध्यात्मिक संस्कृति का ही सुंदर चित्रण है ।रंगीन सकारात्मक ओरा जैसा बना हुआ है। अब हमें चाहिए हम इस सुंदर और सकारात्मक माहौल मे अपने आचरण , विचारों और व्यवहारों में मर्यादा फिर से ले आए। जिसका दायरा हम तोड़ चुके हैं। अपनी सकारात्मक शक्तियों को जगाकर उन्हें सोने नहीं देना है। बल्कि धर्म आचरण करते हुए एक दूसरे के लिए आगे बढ़े यही समय की मांग है। कोई धर्म गलत शिक्षा नहीं देता ,ना अंधविश्वास को जन्म देता है ।
चलिए स्वयं को मर्यादित करें सीमित साधनों में स्वयं को जीना सिखाए । विपरीत परिस्थितियों में स्वयं को जीना सीखाएं क्योंकि जो तप कर निखरता है वह कभी नहीं बिखरता।❤️👍🏻

बेटियों को पुजें। गर्भ में ना मारे। बहू बेटी में फर्क ना करें। एक बेटी बहू के रूप में हमारी सारी जिम्मेदारी उठाती है ।घर ,बाहर, दुनियादारी, खुद का कैरियर, के साथ-साथ कुल में वृद्धि करती है तो फिर परायी कैसे हो सकती है?? यह पराया पन हमारे विचारों में होता है अतः ऐसे दोगले विचारों को स्थान मत दीजिए 🙏🏻

बेटे कभी बेटियों से कम नहीं है। उन्हें राम बनाएं लेकिन उन्हें लव कुश भी जरूर बनाएं जो भले ही राम बनकर पिता के आदेश का पालन करने के लिए वन गमन कर जाएं ,लेकिन वही स्त्री शक्ति की स्वरूप सीता के प्रति किए गए उनके गलत फैसले के आदेश का एहसास करवाने में भी सक्षम हो जोकि मर्यादित आचरण के साथ स्त्री सम्मान को समर्पित हो। जो सत्य का साथ देने में समर्थ हो।
शक्ति शाली होने का हर रंग ,हमारे हर रूप में समाया होता है। आवश्यकता है तो सिर्फ उसे पहचान कर सही समय पर उसका उपयोग करने की।अपनी शक्तियों को पहचान कर संसार, देश ,प्रकृति प्राणियों और मनुष्य समाज को सामर्थ्य के अनुसार, जो आपने यहां से लिया है उसे लौटाते चलिए। यही आपका धर्म है यही आपके कर्म है जो आपके साथ सदा रहेंगे। जीवन के साथ भी जीवन के बाद भी 👍🏻

ममता जैन की कलम से ✍🏻

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