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* * @package ThemeGrill * @subpackage ColorMag * @since ColorMag 1.0 */ // Exit if accessed directly. if ( ! defined( 'ABSPATH' ) ) { exit; } ?> तनाव में गलत संगत में जा रही युवती को "सखी" ने दिखाई सही राह - सरल संवाद

तनाव में गलत संगत में जा रही युवती को “सखी” ने दिखाई सही राह


सरल संवाद।पीड़िता दिशा (परिवर्तित नाम) द्वारा महिला बाल विकास विभाग वन स्टॉप सेंटर इंदौर को पोस्ट के माध्यम से माता पिता के द्वारा मानसिक रूप से परेशान करने कि शिकायत दर्ज़ करवाई पोस्ट से प्राप्त आवेदन के आधार पर पीड़िता को दूरभाष के माध्यम से संपर्क कर वन स्टॉप सैंटर इन्दौर बुलाया गया। वन स्टॉप सैंटर मे केस वर्कर श्रध्दा सिसोदिया द्वारा पीड़िता दिशा के बयान दिनाक 10/06/21 लिखित रूप में दर्ज किया, बयान में पीड़िता ने कहा कि मेरे घर वालो से मानसिक रूप से परेशान होकर मेने जॉब सर्च की ताकी घर वालो को पेसो की हेल्प कर सकू ।तब पीड़िता ने ऑनलाइन जॉब सर्च किया जिसमे वो ऑनलाइन फ्रॉड मे फस गई थी ,जिसमे ऑनलाइन कंपनी डिजिटल मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के नाम से थी। कंपनी वाले पीड़िता को मेल द्वारा भेजने लगे की तुमसे वर्क करने मे गलती हुई हैं तुमको फाइन भरना होगा दोस्तो से हेल्प लेकर उसने फाइन भर दिया घर वालो के डर से यह बात घर वालो को नही बताई। दोस्तो को बताई दोस्तो द्वारा पैसे की हेल्प की गई लेकिन सोशल नेटवर्क के जरिए दोस्त बना उसने भी हेल्प की । उसके बाद पीड़िता के घर बात पता चली तो पीड़िता को उसक घर वाले हर बात पर रोक टोक करने लगे। एक दिन पीड़िता की घर मे बोल चाल हो गई ओर ये घर छोड़ कर दोस्त के घर चली गई ।घर पर कुछ बताया नही घर वाले ने गुमशुदगी की शिकायत थाने में करदी पुलिस द्वारा सर्च किया तो पीड़िता दोस्त के घर के पास रूम से रह रही थी। घर वाले वापस घर ले आए दुबारा पीड़िता को घर की तरफ से मानसिक दिक्कत हुई फिर उसने घर छोड़ कर कही ओर रहने लगी रूम से। लेकिन पीड़िता के घर वालो को लगा कि उसके दोस्त के घर होगी तो परिवार के लोग उसके दोस्त के घर जाकर डराया धमकाया पीड़िता दोस्त के घर नही थी दोस्त से पूछने पर उसने बताया कि एक जगह रूम मे रह रही है पीड़िता को रूम पर जाकर देखा तो वो वही पर थी लेकिन पीड़िता को घर वाले से डर था कि जिस दोस्त ने उसकी मदद की हे उसके घर वालो को नुकसान न पहुंचाए, इस वजह से पीड़िता चाहती थी की परिवार वालों को समझाया जाए की मुझे मानसिक रूप से परेशान नहीं करे ,ताने नही मारे और दोस्त के परिवार वालों को कोई नुकसान भविष्य में नही करे। इस बयान के आधार पर आगामी करवाही हेतु पीड़िता के परिवार में संपर्क कर भाई और पिता जी को बुलाया गया जिसमे पिता जी और भाई के बयान लिखित आधार पर लिया ।दोनो पक्षों कि बातो को सुना और समझा उसके बाद दोनो पक्षों को समझाया गया दोस्त की फैमली भी मौजूद हुई उसके भी लिखित बयान लिया ओर वन स्टॉप सेंटर (सखी केन्द्र) की प्रशासक डॉक्टर वांचना सिंह परिहार द्वारा दोनो पक्षों को समझाइश दी गई और दोनो पक्षों द्वारा सहमति दर्ज की दोनो पक्ष एक दूसरे को नुकसान नही पहुंचाएंगे और पीड़ित के परिवार वाले पीड़ित को मानसिक परेशान नही करेंगे ओर पीड़ित के भविष्य के लिए जो होगा वो सब करेंगे ।
अभी भी युवती का दिमाग शांत नही हो रहा था ,वो होस्टल में रहने की बात कर रही थी, कि खुद पैसे कमाएगी और अपना खर्चा उठाएगी लेकिन घर में नही रहेगी।
ऐसे में प्रशासक द्वारा उसको बहुत ज्यादा समझाया गया , कैरियर के लिए भी गाइडेंस दिया गया,जिसके बाद अंतिम स्थिति में दोनो पक्षों ने अपनी अपनी बातो को स्वीकार किया ओर समझ कर सहमति दर्ज़ करवाई।
पीड़िता ने भी कहा कि अब वो सोशल नेटवर्किंग से किसी से सम्पर्क स्थापित नही करेगी और पढ़ाई करके अपना भविष्य बनाएगी और अपने माता पिता के अनुसार ही सहमति से रहेगी।
पिता और पुत्री बहुत ही खुश होकर धन्यवाद देते हुए सखी केंद्र से गए।
जिला कार्यक्रम अधिकारी — डॉक्टर सी एल पासी
प्रशासक –डाक्टर वंचना सिंह परिहार

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