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* * @package ThemeGrill * @subpackage ColorMag * @since ColorMag 1.0 */ // Exit if accessed directly. if ( ! defined( 'ABSPATH' ) ) { exit; } ?> विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस - सरल संवाद

विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस

विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता हेतु मालवा मेंटल हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन तथा वन स्टॉप सेंटर (सखी) महिला एवं बाल विकास विभाग; इंदौर द्वारा एक ऑनलाइन वेबनार का आयोजन किया गया| वेबनार के विशेष अतिथि वरिष्ठ मनोचिकित्सक व मालवांचल यूनिवर्सिटी के प्रो चांसलर (प्रोफेसर) डॉ राम गुलाम राजदान ने आत्मा हत्या से संबंधित आंकड़ों तथा आत्महत्या के मनोभाव से संबंधित कारणों व समाधान पर प्रकाश डाला | जीवन की समस्या का समाधान आत्महत्या नही है | डॉ राम गुलाम राजदान ने बताया कि आत्महत्या के विचार मन में आते समय शरीर में कई प्रकार के रासायनिक परिवर्तन भी होते हैं| मानसिक समस्या से संबंधित समाधान के लिए मनोचिकित्सक की सलाह अत्यंत आवश्यक है | कार्यक्रम के विशेष अतिथि वन स्टॉप सेंटर (सखी) की प्रशासक व इंदौर सेफसिटी कार्यक्रम की नोडल ऑफिसर डॉ वंचना सिंह परिहार ने बताया कि पारिवारिक हिंसा तथा तनाव भी आत्महत्या के कारण बन सकते हैं | हमें इसके रोकथाम के लिए भी कार्य करना चाहिए | डॉ वंचना सिंह परिहार ने वन स्टॉप सेंटर (सखी) द्वारा पारिवारिक समस्याओं के समाधान हेतु किए गए कार्यों की जानकारी भी प्रदान की गई | कार्यक्रम में उपस्थित विशेष अतिथि संस्था निदान की संस्थापक प्रसिद्ध परामर्श मनोवैज्ञानिक व स्पेशल एजुकेटर श्रीमती कला मोहन ने कहां की आत्महत्या के नकारात्मक विचार मन में आते ही मनोचिकित्सक व मनोवैज्ञानिक की तुरंत सलाह लेना चाहिए | आप ने बताया कि वर्तमान संघर्ष पूर्ण परिस्थितियों को देखते हुए हमें अपनी बेटियों को भी शिक्षित तथा आत्मनिर्भर करना चाहिए | आपने जीवन दर्शन पर आधारित बहुत ही सुंदर वाक्य कहे मुस्कुराहट भी एक दुआ है दिया कीजिए, लिया कीजिए | वेबनार का संचालन मालवा मेंटल हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की अध्यक्ष बतुल जी सेफी द्वारा किया गया | अतिथियों तथा उपस्थितजनों का आभार रीटा सिंघल जी द्वारा व्यक्त किया गया |

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