ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली-नेहा जोशी मराठे(जर्नलिस्ट)

सरल संवाद।शिक्षा शिक्षा प्रणाली में जो बदलाव हमने अभी देखा है । वह कुछ समय के लिए तो ठीक है, लेकिन आने वाले समय के लिए बहुत घातक साबित हो सकता है । जहां बच्चे अपने टीचर से सीधे संवाद कर पाते थे वहीं आज कुछ समय मिलकर भूल जाते है।

जुड़ रहे है नई टेक्नोलाजी से:

टीचर बहुत मेहनत करके ऑनलाइन टेक्नोलॉजी से जुड़कर काम कर रहे हैं । उनकी पूरी कोशिश है कि वे बेहतरीन ढंग से बच्चों को पढ़ाए। ऑनलाइन शिक्षा से कहीं ना कहीं लाभ तो हुआ हैं क्योंकि बच्चों पढ़ाई का नुकसान नहीं हुआ। वरना पूरा साल बर्बाद हो जाता। इससे नई पीढ़ी को नई तकनीक का अनुसरण जल्दी कर रही है।

आंखो पर हो रहा है असर :
जहां आनलाइन शिक्षा के लाभ हैं वहीं इसकी हानियां भी बहुत है । इससे बच्चों की आंखों पर बुरा असर हो रहा है। इस दौरान बच्चे बहुत ज्यादा समय लैपटॉप , कंप्यूटर और मोबाइल पर काम कर रहे। इससे उनकी आंखों पर चश्मे लग रहे हैं । जो इस उम्र के लिए सही नहीं।

बचपन खो रहा है:
अपने दोस्तों के साथ स्कूल में खूब मस्तीकरनना, शिक्षक से एक खास रिश्ता बनना , आउटडोर गेम आदि को बच्चे याद करते है। उनका बचपन कही खो ता जा रहा है।
ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली के फायदे हैं तो कई नुकसान भी हैं जो आगे हमें और देखने को मिलेंगे।

श्रीमती नेहा जोशी मराठे जर्नलिस्ट एवं समाज सेवी मुक बधिर संगठन

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